हमें फॉलो करें - Facebook Twitter

3 साल में कोरिया के 5 कलेक्टर बदल डाले सरकार ने, जिले में कब लौटेगा पटरी पर विकास?

चन्द्रकान्त पारगीर
14 January 2022 21:52 PM IST
Updated: 14 January 2022 22:09 PM IST

कोरिया जिले में पदस्थ कलेक्टर श्याम धावड़े को राज्य की कांग्रेस सरकार ने मात्र 6 महिने के बेहद छोटे कार्यकाल मे स्थानांतरित कर बस्तर के कमिश्नर बना कर भेज दिया। इससे पहले कोरिया जिले की स्थापना के बाद 4 महिने के कार्यकाल का रिकार्ड तत्कालिन आईएएस विलास संदीपान भोस्कर के नाम रहा है, यह रिकार्ड कांग्रंेस की वर्तमान सरकार ने ही बनाया है। श्री धावड़े उनसे 2 महिने ज्यादा कलेक्टर रहे परन्तु उन्होनें जो छाप आमजन मानस पर छोड़ी है, वो कम सयम में काफी यादगार है।

शेयर करें Facebook Twitter WhatsApp


ढाई साल कांग्रेस के अनुसार बेमिसाल

कांग्रेस की सरकार बनने के बाद दो तीन महिनों के अंतराल पर आईएएस और आईपीएस के तबादलों की सूची आना कोई नई बात नहीं रही है। कोरिया जिले मंे कलेक्टर की पदस्थापना को लेकर सरकार बेहद संजीदा रही, यही कारण रहा कि हल्की फूल्की शिकायत पर ही कलेक्टर की कुर्सी खिसकती नजर आई है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जिले की तीनों सीट पर मिली जीत के दो तीन माह मे तत्कालिन कलेक्टर नरेन्द्र दुग्गा को स्थानांतरित कर उन्हें मंत्रालय बुला लिया, उसके बाद आईएएस विलास संदीपान भोस्कर को कोरिया कलेक्टर बनाया गया, ऐसा लगा कि नई सरकार कुछ बेहतर करने की सोच रही है, इसी बीच अवैध रेत उत्खनन का जिन्न बाहर आ गया और सबसे कम मात्र 4 महिने के कार्यकाल का रिकार्ड उनके नाम पर बन गया, सरकार ने उन्हंे हटाकर तत्कालिन कलेक्टर डोमन सिंह को जिले के कलेक्टर बनाकर भेजा, डोमन सिंह प्रोमोटिव है जबकि संदीपान डायरेक्ट आईएएस। कोरिया में घोटालों की सूची बढ़ती चली गई, इस दौरान सेनेटाईजर घोटाला, हैंडपंप घोटाला, अवैध रेत उत्खनन का कारोबार से लेकर काफी कुछ हुआ, उन्हीं के कार्यकाल में उनके स्टेनों को उनके चेंबर में रहते ही रंगे हाथ एसीबी ने पकडा। ऐसा भी जिले में पहली बार हुआ। 11 महिने के उपलब्धि भरे कार्यकाल के बाद उन्हंें पेंड्रा जिले के कलेक्टर के रूप में सरकार ने उन्हें पदस्थ किया। कोरिया जिले को एक बार फिर प्रमोटिव आईएएस मिले, नाम था सत्यनारायण राठौर, पूरे एक वर्ष रहे, कोरिया को विकास पर ताले लग गए, कोई भी काम की फाइल यदि उन तक पहुंचती तो चर्चा करें पर ही दब कर रह जाया करती। जिले में कुपोषण दर बढ़ गया, फिर घोटाले की बाढ़ आने लगी, सिर्फ झुमका को पर्यटन के रूप में विकसित करने में उनका पूरा ध्यान रहा, इस कार्य में डीएमएफ के तहत लगाए गए 20 लाख से ज्यादा की राशि बर्बाद की गई। जिले का सबसे बड़ा रायल्टी घोटाला उन्हीं के समय सामने आया, उन्होनें फाइल को दबे रहने में रूचि दिखाई। सरकार को उनकी कार्यप्रणाली को सराहा। सरकार ने उन्हें पूरे एक साल समय दिया, अब तक सिर्फ ढाई साल में 4 कलेक्टर बदल चुके थे। जून 2021 में श्री राठौर को मंत्रालय बुलाकर बलरामपुर कलेक्टर श्याम धावडे़ को कोरिया में पदस्थ किया गया।

पटरी पर आता विकास

कलेक्टर श्याम धावड़े ने मात्र 6 महिने में खुद को काम के जरीए लोगों के बीच स्थापित कर दिया, उनके साथ जिला पंचायत सीईओ आईएएस कृणाल दुदावत उनके कदम से कदम मिलाकर जिले को विकास का पटरी पर लाने के लिए प्रयासरत रहे। हर पंचायत की मॉनिटरिंग करने नोडल अधिकारी नियुक्त किए, दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्र आन्नदपुर खुद बाइक चला कर पहुंचें, आदिवासियों को वन अधिकार पट्टा, कई हजार की संख्या में बच्चों को घर घर जाकर जाति प्रमाण पत्र, हर किसान को केसीसी के साथ कुपोषण अभियान की मॉनिटरिंग शुरू की। साल भर से अटकी फाइलें दौडने लगी, त्वरित निर्णय से कार्यो में तेजी आई। जिले में गुम हो गया वर्किंंग कल्चर लौटने लगा। कलेक्टर कार्यालय की सूरत बदल रही थी कि सरकार ने मात्र 6 महिने में स्थानांतरित कर बस्तर कमिश्नर बना दिया।

युवा जोश से पकडेगी विकास की रफ्तार

2014 बैच के आईएएस कुलदीप शर्मा को कोरिया जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है, नवपदस्थ कलेक्टर के रूप में उनका पहला जिला होगा, वहीं जिला पंचायत सीईओ आईएएस कृणाल दुदावत पूर्व से ही पदस्थ है। दोनों युवा और एकदम फ्रेस आईएएस है। तय है एक साथ दो आईएएस की जोड़ी से जिले के विकास को गति मिलने की पूरी संभावना नजर आ रही है। हलांकि पूर्व में ऐसा कई बार हुआ है जब कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ डायरेक्ट आईएएस पदस्थ रह चुके है। इससे पूर्व कलेक्टर आईएएस विकासशील तब उनकी पत्नी आईएएस निधी छिब्बर जिला पंचायत सीईओ, कलेक्टर आईएएस कमलप्रीत सिंह और जिला पंचायत सीईओ आईएएस पी अल्बनगन, कलेक्टर आईएएस ़ऋतु सैन व जिला पंचायत सीईओ आईएएस यशवंत कुमार, कलेक्टर आईएएस अविनाश चंपावत व जिला पंचायत सीईओ आईएएस वसब राजू और फिर कलेक्टर आईएएस एस प्रकाश व जिला पंचायत सीईओ संजीव झा रह चुके है। कोरिया जिले का विकास कितना और कहां तक पहुंचा है इसका अंदाजा आप खुद लगाकर देखिए।


सम्बन्धित श्रेणियां -




















शेयर करें Facebook Twitter WhatsApp